Gujrat Model : गुरुग्राम में अब चलेगा ‘गुजरात मॉडल’: AC कमरों से बाहर निकलेंगे अफसर, App पर देनी होगी हाजिरी
शहर की बदहाली दूर करने के लिए निगम का डिजिटल प्रहार; फील्ड विजिट न करने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज

Gujrat Model : साइबर सिटी की बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए गुरुग्राम नगर निगम (MCG) अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। शहर में सीवर, पानी और टूटी सड़कों की शिकायतों को खत्म करने के लिए निगम ने अब ‘Gujrat Model’ को अपनाने का फैसला किया है। इस मॉडल के तहत अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए एक विशेष ‘इंस्पेक्शन एप’ तैयार किया गया है, जो अब अधिकारियों की फील्ड में मौजूदगी सुनिश्चित करेगा। अब निगम के अधिकारियों के लिए केवल दफ्तर में बैठकर फाइलें निपटाना काफी नहीं होगा। उन्हें जमीन पर उतरकर जनता की समस्याओं को देखना और सुलझाना होगा।

क्या है नया नियम और इंस्पेक्शन एप?
निगम द्वारा लागू किए जा रहे इस डिजिटल सिस्टम के तहत हर अधिकारी के लिए 24 घंटे में कम से कम एक बार फील्ड विजिट करना अनिवार्य कर दिया गया है। एप की कार्यप्रणाली कुछ इस प्रकार होगी:
डेली टारगेट: एप के माध्यम से अधिकारियों को रोजाना निरीक्षण का लक्ष्य दिया जाएगा।
लाइव रिपोर्टिंग: अधिकारियों को मौके पर जाकर सीवर सफाई, जलापूर्ति और सड़कों की स्थिति की फोटो खींचनी होगी और उसे तुरंत रिपोर्ट के साथ एप पर अपलोड करना होगा।
लोकेशन ट्रैकिंग: इस एप के जरिए मुख्यालय को सीधे पता चल जाएगा कि अधिकारी वास्तव में मौके पर मौजूद है या नहीं।
जिम्मेदारियों का बंटवारा और सख्त निगरानी
गुजरात की तर्ज पर प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए जिम्मेदारी के स्तर भी तय किए गए हैं। निगम आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त पूरे शहर में कहीं भी औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) कर सकेंगे। वहीं, संयुक्त आयुक्त अपने जोन और कार्यकारी अभियंता (XEN) अपने-अपने वार्डों की जिम्मेदारी संभालेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगले दिन सुबह स्वयं निगम आयुक्त इन सभी फील्ड रिपोर्ट्स की समीक्षा करेंगे।
Gujrat Model से मिली प्रेरणा
गुजरात के प्रमुख शहरों में स्वच्छता और बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए तकनीकी निगरानी का सफल प्रयोग किया जाता रहा है। वहां ‘नाइट राउंड एप’ और ‘लाइव लोकेशन ट्रैकिंग’ जैसे माध्यमों से अधिकारी रात-दिन सफाई व्यवस्था की निगरानी करते हैं। इसी सख्ती और पारदर्शिता के कारण गुजरात के शहर स्वच्छता रैंकिंग में लगातार शीर्ष पर बने रहते हैं। अब गुरुग्राम भी उसी राह पर चलने को तैयार है।

ठेकेदारों की मनमानी पर लगेगा अंकुश
अक्सर यह शिकायत रहती थी कि अधिकारी फील्ड में नहीं जाते, जिसका फायदा उठाकर ठेकेदार काम में लापरवाही बरतते हैं। इस नए सिस्टम से अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी, जिससे न केवल ठेकेदारों पर लगाम लगेगी, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान भी त्वरित गति से












